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महाराष्ट्र में साथ नहीं आए तो शिवसेना- BJP के पास तैयार हैं अपने-अपने प्लान बी

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If they don't come together in Maharashtra, Shiv Sena-BJP have their plans B

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार महाराष्ट्र में बारिश प्रभावित क्षेत्रों के अपने दौरे को बीच में छोड़कर शनिवार को वापस मुंबई आ गए। माना जा रहा है कि वे अब दिल्ली पहुंचेंगे। मराठा नेता ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अपनी बैठक से पहले मुंबई में शनिवार शाम पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक भी बुलाई है। शिवसेना की अगुवाई वाली सरकार का समर्थन करने की संभावना तलाशने के लिए उन्हें 4 नवंबर को दिल्ली में होना था। लेकिन, एनसीपी के एक नेता ने कहा कि अब वह रविवार को दिल्ली जा सकते हैं। भीतर के सूत्रों की मानें तो एनसीपी कांग्रेस के अप्रत्यक्ष समर्थन से शिवसेना के साथ सरकार बनाने की संभावना तलाश रही है। शिवसेना के इस प्लान बी में छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को शामिल करना शामिल किया जाएगा।

कांग्रेस सीधे सरकार का हिस्सा नहीं होगी क्योंकि उसके नेता पार्टी को समर्थन देने वाले कुछ वर्गों की प्रतिक्रिया से सावधान हैं। ये वर्ग शिवसेना के विरोध में हैं। इस योजना पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार द्वारा गुरुवार शाम अपने निवास पर बुलाई गई एक कोर कमेटी की बैठक में चर्चा की गई। शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने दक्षिण मुंबई में अपने आवास पर राकांपा प्रमुख से मुलाकात के बाद यह बैठक बुलाई थी। बता दें कि बीते 21 अक्टूबर को हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने वाली भाजपा और शिवसेना ने क्रमशः 105 और 56 सीटें जीतीं। राकांपा और कांग्रेस ने क्रमशः 54 और 44 सीटें हासिल की हैं। राकांपा और कांग्रेस के समर्थन से शिवसेना की सरकार बनने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि इस संबंध में उनकी पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है।

उधर भाजपा को उम्मीद है कि शिवसेना जल्द ही बातचीत के लिए आएगी। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “चूंकि हमारे पास बहुत कम दिन बचे हैं, हम अपने सहयोगी दल से सरकार के गठन को लेकर बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं।” प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने शनिवार को कहा कि उन्हें यकीन है कि भाजपा और शिवसेना के बीच का मसला जल्द ही सुलझ जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि शिवसेना बातचीत नहीं करती तो बीजेपी अपने प्लान बी के साथ अपनी सरकार बनाने के दावे के लिए भी तैयार है।”एक सबसे बड़ी पार्टी के रूप में हम अपने मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे और फिर विधानसभा में एक फ्लोर टेस्ट का सामना करेंगे। हमारे पास 15 निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी है।