Home दुनिया चुपके से पाकिस्तान लाकर दफनाया गया लंदन ब्रिज का हमलावर उस्मान खान

चुपके से पाकिस्तान लाकर दफनाया गया लंदन ब्रिज का हमलावर उस्मान खान

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London Bridge bomber Usman Khan secretly buried by bringing Pakistan

इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी उस्मान का शव शुक्रवार की सुबह पाकिस्तान पहुंचा। उसे पीओके के कजलानी गांव में जुम्मे के दिन दफनाया गया। कोटली जिले के इस गांव की आबादी 3 हजार है।

लंदन/इस्लामाबाद

पाकिस्तान ने लंदन ब्रिज पर हमला करने वाले आतंकवादी उस्मान खान के पाकिस्तानी मूल के होने की खबरों का जोरदार खंडन किया था और भरपूर कोशिश की थी कि उस आतंकवादी का नाम उससे नहीं जुड़े। अब पता चला है कि उस्मान की लाश को चुपके से पाकिस्तान लाकर ही दफनाया गया है।

पीओके के कजलानी गांव में दफन

इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के अधिकारियों ने ब्रिटिश न्यूज चैनल स्काइ न्यूज से इस बात की पुष्टि की। अधिकारियों ने बताया कि यूके में कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद गुरुवार दोपहर 28 वर्षीय उस्मान का शव एक पैसेंजर प्लेन में लादा गया जो शुक्रवार सुबह पाकिस्तान पहुंचा। आतंकवादी उस्मान का शव पीओके के कजलानी गांव में जुम्मे के दिन दफनाया गया। कोटली जिले के इस गांव की आबादी 3 हजार है।

यूके में दफनाने का हुआ था विरोध

यूके में स्थानीय मुस्लिम समुदाय को कई लोग नहीं चाहते थे कि उसे स्टोक ऑन ट्रेंड स्थित कोब्रिज के मर्कजी जामिया गौसिया में दफनाया जाए। उस्मान का परिवार स्टोक ऑन ट्रेंट में ही रहता है। इस परिवार ने पिछले मंगलवार को कहा था कि उसने मेट्रोपॉलिटन पुलिस की ओर से जारी एक बयान में उस्मान की करतूतों की निंदा की है।

बर्मिंगम की मस्जिद में पूरी हुई जनाजे की रस्म

इससे पहले, उस्मान के चचेरे भाई ने भी स्काइ न्यूज से कहा था कि ‘उस्मान के पिता और दूसरे करीबी रिश्तेदार उसके शव को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) स्थित पैतृक गांव में सुपुर्दे खाक करेंगे।’ उसने बताया था कि परिवार उस्मान के शव को गुपचुप तरीके से दफनाने की फिराक में है। परिवार की इच्छा नहीं है कि उस्मान का शव यूके में दफन किया जाए। हालांकि, लाश को पाकिस्तान भेजने से पहले बर्मिंगम की एक मस्जिद में जनाजे की रस्म पूरी हुई जिसमें उसके गुनाहों के लिए अल्लाह से माफी मांगी गई।

पाकिस्तान सरकार ने बनाई थी उस्मान से दूरी

पाकिस्तान सरकार के मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने 1 दिसंबर को पाकिस्तानी अखबार डॉन न्यूज की इस बात के लिए लताड़ लगाई कि उसने उस्मान को ‘पाकिस्तानी मूल’ का बताया था। उसके अगले ही दिन गुस्साए लोगों की भीड़ अखबार के इस्लामाबाद स्थित दफ्तर पर धावा बोल दिया था। भीड़ ने दफ्तर की घंटों तक घेराबंदी कर रखी थी। फिर 6 दिसंबर को करीब 100 प्रदर्शनकारियों ने फिर से अखबार के दफ्तर को घेर लिया था।