Home लाइफस्टाइल दूरी नहीं बल्कि नजदीकियां बढ़ाती है लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप

दूरी नहीं बल्कि नजदीकियां बढ़ाती है लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप

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Long distance relationship increases rather than distance

मानो या न मानो, लंबी दूरी के रिश्ते भागीदारों को और करीब लाते हैं! किसी भी रिश्ते में प्यार और भरोसा होना बहुत ही जरूरी होता है तभी वह रिश्ता लम्बे समय तक चलता हैं। चाहे वह लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप ही क्यों ना हो, लेकिन यदि आप लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में हैं और आपको लगता है कि आपका रिश्ता अपने पार्टनर से दूर रहकर आगे नहीं बढ़ सकता और उसके कामयाब होने की संभावना ना के बराबर है तो हो सकता है कि आप गलत हों। हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप का सक्सेस रेट 58 प्रतिशत तक है और ये भी पाया कि ये दो शहरों के बीच की दूरी उनके रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद करती है।

यदि आपका साथी आपके पास या आपके शहर में रहता है तो आप उससे कभी भी मिल सकते है परन्तु समस्या तो तब आती है जब आपका साथी किसी दूसरे शहर में रहता है और उसके साथ आप लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहते हों। लोगों का मानना है कि लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप से दूरियां बढ़ती हैं लेकिन यह एक स्टडी के अनुसार यह गलत है। इस स्टडी का मानना है कि दूरी नहीं बल्कि नजदीकियां बढ़ाती है लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप से। आइये इसे विस्तार से जानते हैं।

लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप क्या है

जब दो लोगों के बीच अंतरंग और रोमांटिक संबंध होता है लेकिन वे भौगोलिक रूप से एक दूसरे से बहुत दूर होते हैं तो इस रिश्ते को लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप कहते हैं। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप आमतौर पर फोन, ईमेल, सोशल मीडिया के माध्यम से बनाया जाता है। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति से किसी शादी, पार्टी या समारोह या किसी खास मौके पर मिलता है और उससे प्यार करने लगता है लेकिन उन दोनों के बीच दोबारा मिलने की संभावना बहुत कम होती है तो वास्तव में यह लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप है। यदि आपको लगता है कि लंबी दूरी के रिश्तों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है और आप असफल होने के लिए तैयार हैं, तो आप गलत हो सकते हैं। एक हालिया अध्ययन में कहा गया है कि इस तरह के रिश्तों की सफलता दर 58 प्रतिशत है और इससे पता चलता है कि वास्तव में दूरी दिलों को और पास लाती है।

क्या है लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप स्टडी

लांग डिस्टेंस रिलेशनशिप नजदीकियां बढ़ाती है या दूरियां बनाती है इसकी जानकरी के लिए एक स्टडी की गई। यह स्टडी कीरो नामक कम्पनी ने की थी जो कि सिक्स टॉय बनाती हैं। इस कंपनी ने अपनी स्टडी के लिए 1000 लोगों का चयन किया और उनको इस शोध में शामिल किया गया। शामिल किये गए लोग, वह व्यक्ति थे जो कि पहले से किसी लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहते हुए साथ भी रह चुकें हैं और उनको पता है कि लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप रहने पर क्या-क्या बदलावों का अनुभव होता हैं। इसके अलावा इस स्टडी में 21 प्रतिशत वह लोग भी है जो लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप के दौरान कभी साथ नहीं रहें।

लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप स्टडी रिजल्ट

लांग डिस्टेंस रिलेशनशिप पर हुई इस स्टडी जब पूरी हो गई तो इसके परिणाम निकल कर बाहर आये। आप इस स्टडी के रिजल्ट को जानकर आश्चर्यचकित हो जायेंगे कि इस रिसर्च में शामिल होने वाले 81 प्रतिशत लोगों ने यह स्वीकार किया है कि लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहने के बाद अधिक समय में मिलने पर कपल्स अन्तरंग रोमांटिक और स्पेशल फील करते हैं। इसके अलावा इसमें से 55 प्रतिशत लोगों ने यह माना कि दूर रहने के बाद भी वह अपने पार्टनर से अधिक जुड़ा हुआ महसूस करते है और सब लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप के कारण होता हैं। सभी लोगों ने यह माना कि लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहने के बाद भी उनके रिश्ते मजबूत होते हैं।

लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप सकारात्मक पक्ष

इस अध्ययन में 69 प्रतिशत लोगों ने अर्थात लगभग 10 में से 7 लोगों ने यह महसूस किया है कि वह अपने पार्टनर से दूर रहने पर अधिक बातें करते हैं। आज कल की टेक्नोलॉजी के कारण फोन, व्हाट्सअप्प, स्काइप और विडियो चैट के माध्यम से कपल्स लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहने के बाद भी एक दूसरे से जुड़े रहते है। यह टेक्नोलॉजी लोगों को दूर होने का अधिक एहसास नहीं होने देती हैं। 88 प्रतिशत लोगों ने माना की उनके बीच संबधों को मजबूत करने का श्रेय केवल टेक्नोलॉजी को जाता हैं। इसके अलावा एक रिपोर्ट में पाया गया है कि लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहने वाले लोग अपने पार्टनर से एक सप्ताह में औसतन आठ घंटे कॉल या फिर वीडियो चैट करते हैं और लगभग 343 टेक्स्ट मैसेज सेंड करते हैं।

लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में समय है एक बड़ा फैक्टर

लांग डिस्टेंस रिलेशनशिप के लिए हुई इस स्टडी से यह पता चलता है कि इन लोगों के लिए समय बहुत ही महत्वपूर्ण होता हैं। यह लोग अपनी शारीरिक अवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पाते है, इसलिए उनके लिए एक दूसरे को समय देकर बात करना जरूरी होता हैं। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए शुरू के 3-4 महीने तो बहुत ही कठिन होते हैं लेकिन यदि वह इस समय की परिस्थितियों को संभल लेते है तो 8 महीने के बाद उनके लिए चीजें बेहतर होने लगती हैं।

लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में सबसे बड़ा चैलेंज

जो लोग लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहते है उनके लिए सबसे बड़ा चैलेंज यह होता है कि वह एक दूसरे से मिल नहीं पाते है जिसके कारण उनकी शारीरिक आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं हो पाती हैं। और इस बात को 66 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार की हैं। उन लोगों को अपनी शरीर की आवश्कता की पूर्ती के लिए हस्तमैथुन करने की जरूरत पड़ती हैं। वह लोग मास्टरबेट करने के लिए सिक्स टॉयज का भी इस्तेमाल कर करते हैं।

लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में आती हैं और भी हैं मुश्किलें

ऊपर दी गई लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप स्टडी के अनुसार भले ही यह आपके रिश्ते को मजबूत करता है लेकिन फिर भी इसमें लोगों को बहुत ही मुश्किलें और भय होता हैं। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में लोगों को अकेले रहना, असुरक्षित महसूस करना टाइम जोन एक जैसे ना होने के कारण बात ना होना, एक दूसरे से मिलने के लिए अधिक खर्चा होना आदि कई प्रकार की मुश्किल पैदा होती हैं। इसके अलावा कई प्रकार के डर जैसे – एक दूसरे को खोने का डर, असुरक्षा का डर आदि होता हैं। यहां इस्तेमाल की गई सभी फोटो प्रतिकात्मक हैं।