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एसिडिटी क्या है, लक्षण और कारण

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What-is-Acidity-Symptoms-and-Causes

एसिडिटी (अम्लता) पेट से संबन्धित समस्या है, जो पेट में जलन और दर्द का कारण बनती है। यह स्थिति किसी भी व्यक्ति को तथा किसी भी उम्र में परेशान कर सकती है, तथा काफी कष्टदायक हो सकती है। यह व्यक्तियों को प्रभावित करने वाली बहुत ही आम समस्या है। इस लेख में आप जानेंगे एसिडिटी (अम्लता) (पेट में जलन) क्या है, लक्षण, कारण, इलाज, और आहार के बारे में।

अम्लता की स्थिति में पेट में एसिड का उत्पादन अधिक मात्रा में होता है तथा अतिरिक्त एसिड एसोफैगस तक आता है। जिससे संस लेने में तकलीफ, गले में जलन, बैचनी, सीने में दर्द और अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। यह स्थिति मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति को अधिक प्रभावित करती है। यह स्थिति अनेक प्रकार की जटिलताओं जैसे- पेट में अल्सर, एसिड रिफ़्लेक्स, पेट की अस्तर में सूजन, कैंसर का कारण बन सकती है। अतः इस स्थिति को अनदेखा नहीं करना चाहिए। एसिडिटी के लक्षण प्रगट होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, जिससे इसकी जटिलताओं से बचा जा सके। आज के इस लेख में आप जानेंगे कि एसिडिटी (पेट में जलन) क्या है, इसके लक्षण, कारण और जटिलताएँ क्या हैं, एसिडिटी का निदान, इलाज और रोकथाम कैसे की जा सकती है तथा एसिडिटी में क्या खाएं और क्या न खाएं।

एसिडिटी (पेट में जलन) क्या है

एसिडिटी (अम्लता) एक चिकित्सकीय स्थिति है, जो एसिड के अतिरिक्त उत्पादन का कारण बनती है। यह एसिड पेट की ग्रंथियों द्वारा उत्पन्न किया जाता है। वह व्यक्ति एसिडिटी का अधिक शिकार होते हैं जो अधिक मात्रा में शाकाहारी, मसालेदार और तेल वाले भोजन का सेवन करते हैं। नॉन स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी ड्रग्स जैसी कई दवाएं भी गैस्ट्रिक अम्लता (gastric acidity) के विकास सहायक हो सकती हैं। एसिडिटी (अम्लता) से संबन्धित व्यक्तियों में अपच और कब्ज जैसी समस्याएँ उत्पन्न होना आम बात है। एसिडिटी को घरेलू उपचार अपनाकर या एंटासिड (antacids) का सेवन कर ठीक किया जा सकता है। अम्लता के सामान्य लक्षणों में पेट और गले में जलन, कब्ज, बेचैनी, अपच, जी मिचलाना, और खट्टी डकार को शामिल किया जाता है।

किसी व्यक्ति द्वारा भोजन का सेवन करने पर, वह भोजन पेट में ग्रासनली (esophagus) से होकर गुजरता है। पेट में गैस्ट्रिक ग्रंथियां (gastric glands) एसिड का निर्माण करती हैं। यह एसिड भोजन को पचाने और रोगाणुओं को मारने के लिए आवश्यक होता है। एसिडिटी (पेट में जलन) तब होती है, जब गैस्ट्रिक ग्रंथियां पाचन प्रक्रिया के लिए आवश्यकता से अधिक मात्रा में एसिड का उत्पादन करती हैं। इस स्थिति के परिणामस्वरूप पेट के ठीक ऊपर, या छाती के ठीक नीचे जलन पैदा होती है।

एसिडिटी के लक्षण

अम्लता के अंतर्गत निम्न लक्षणों को शामिल किया जा सकता है:

  • अचानक वजन घटना
  • उल्टी होना
  • भूख में कमी आना
  • कान में दर्द होना
  • पेट और गले में जलन होना
  • छाती और पेट में दर्द
  • बाल झड़ना
  • मुंह में खट्टा स्वाद आना
  • रेक्टल क्षेत्र में जलन होना
  • पेट फूलना
  • बेचैनी का अनुभव होना
  • खाने के बाद छाती में दबाव महसूस होना
  • खट्टी डकार आना
  • कब्ज की समस्या उत्पन्न होना
  • हार्टबर्न (सीने में जलन) की समस्या
  • सांसों की बदबू, आदि।

एसिडिटी (पेट में जलन) के कारण

एसिडिटी (अम्लता) का मुख्य कारण पेट में एसिड का आवश्यकता से अधिक उत्पादन है। अस्वास्थ्यकर जीवन शैली तथा अनुचित भोजन मुख्य रूप से अम्लता का कारण बन सकता है। इसके अतिरिक्त निम्न स्थितियाँ एसिड के अत्यधिक उत्पादन (एसिडिटी) को प्रोत्साहित कर सकती हैं, जैसे:

  • अस्वास्थ्यकर खाने का अत्यधिक सेवन करने के कारण
  • दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण
  • मधुमेह, अस्थमा, हाइटल हर्निया, पेप्टिक अल्सर, जैसी चिकित्सकीय स्थितियों के कारण
  • तनाव तथा नींद की कमी के कारण,
  • अल्कोहल का अत्यधिक सेवन करने से,
  • मसालेदार भोजन का उपभोग करने से
  • खट्टे पदार्थों का अत्यधिक सेवन
  • सोने के तुरंत पहले भोजन करना
  • धूम्रपान करने से
  • गर्भावस्था की स्थिति
  • खाली पेट चाय या कॉफी का अत्यधिक सेवन
  • अधिक वजन या मोटापा, आदि।

एसिडिटी की जटिलताएँ

यदि समय पर एसिडिटी (अम्लता) का इलाज न किया जाए, तो यह स्थिति व्यक्ति में निम्न जटिलताओं का कारण बन सकती है:

  • छाती या पेट में गंभीर दर्द
  • अत्यधिक उल्टी
  • निगलने में कठिनाई
  • पेट में अल्सर
  • कैंसर
  • एसिड भाटा, इत्यादि।