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गर्भावस्था में शारीरिक संबंध कब और कैसे बनाना चाहिए

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प्रेगनेंसी में शारीरिक संबंध बनाना या नहीं, या गर्भावस्था में शारीरिक संबंध बनाना चाहिए कि नहीं ये सवाल गर्भवती महिलाओं के मन में सबसे पहले आता है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर आपकी गर्भावस्था पूरी तरह से सुरक्षित है, तो इस दौरान आप बिना डर के शारीरिक संबंध बना सकते हैं। हालांकि, कई लोगों को गर्भ में पल रहे शिशु को लेकर संशय होता है, कि शारीरिक संबंध बनाने से उसे नुकसान न हो। आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि शिशु गर्भाशय के अंदर पूरी तरह सुरक्षित होता है, लेकिन फिर भी कुछ मामलों में शारीरिक संबंध बनाने के दौरान थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है। वैसे, प्रेग्नेंसी के दौरान शारीरिक संबंध बनाने के फायदे भी होते हैं, जिसके बारे में आपको जानना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञ कहते हैं, कि प्रेग्नेंसी के दौरान शारीरिक संबंध बनाना सेफ होता है। अगर आपकी प्रेग्नेंसी में कोई समस्या नहीं है और आप अच्छे से अपना ये समय एन्जॉय कर रही हैं, तो आप चार से सात सप्ताह तक बिना किसी डर के संभोग कर सकते हैं। हालांकि शुरूआती तीन महीने भी शारीरिक संबंध बनाने के लिए सेफ होते हैं, लेकिन इस दौरान थोड़ी सावधानी के साथ शारीरिक संबंध बनाने की सलाह दी जाती है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि प्रेग्नेंसी में शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं |

क्या गर्भावस्था में शारीरिक संबंध बनाना सही है

वैसे, तो गर्भावस्था में शारीरिक संबंध बनाने से कोई नुकसान नहीं है। हां, लेकिन ध्यान रखें कि बच्चे पर या पेट पर दबाव न पड़े। हालांकि गर्भावस्था के दौरान विशिष्ट परीस्थितियों में शारीरिक संबंध बनाने से संभावित जटिलताएं हो सकती हैं। इसके लिए अपनी प्रसूति विशेषज्ञ द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।

गर्भावस्था की पहली तिमाही में संभोग

When-and-how-to-make-physical-relations-in-pregnancy-in-Hindi-2आमतौर पर गर्भावस्था की पहली तिमाही में शारीरिक संबंध बनाना सुरक्षित होता है, क्योंकि इस दौरान आपका पेट नहीं बढ़ता। लेकिन फिर भी डॉक्टर्स शुरूआती दो से तीन हफ्तों तक शारीरिक संबंध न बनाने की सलाह देते हैं। इसके बाद आप तीन महीने तक संभोग कर सकते हैं, फिर भी आपको सावधानी बरतने की जरूरत पड़ती है। दरअसल, होता ये है, कि जो स्पर्म ओवम को फैलोपियन ट्यूब में फर्टिलाइज करता है, जिससे एम्ब्रयो बनता है, वो यूटरस की लाइनिंग पर जाकर चिपक जाता है। ये चने के आकार का होता है। तीन महीने तक यह डवलप होता है और इतना बड़ा हो जाता है, कि वो वैजाइना के बाहर भी आ सकता है। ऐसे में अगर कपल शुरूआती तीन महीने में शारीरिक संबंध करेगा, तो झटका लगने पर छोटा सा एम्ब्र्यो बाहर आ सकता है। जिससे गर्भपात होने का खतरा बना रहता है इसलिए शुरूआती तीन महीने में शारीरिक संबंध बनाने जितना अच्छा होता है, उतना ही इसमें सावधान रहने की जरूरत होती है। प्रेग्नेंसी में शारीरिक संबंध बनाने के दौरान ऐसी पोजीशन में रहें, जिससे बच्चे पर दबाव न पड़े।

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में संभोग

प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में गर्भवती महिला के हार्मोन्स में कई बदलाव होते हैं, जिससे कभी शारीरिक संबंध बनाने की तीव्र इच्छा होती है, तो कभी नहीं होती। हां, लेकिन ध्यान रखें कि पेट पर ज्यादा दबाव न पड़े। दूसरी तिमाही में बच्चा इतना बड़ा हो गया होता है, कि वो गर्भाशय की लाइनिंग पर अटैच हो गया है, जिसके बाद वो निकल नहीं सकता। इसलिए दूसरी तिमाही में आप शारीरिक संबंध बनाने के लिए ऐसी पोजीशन चुनें, कि शिशु को कोई नुकसान न हो।

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में संभोग

गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में शारीरिक संबंध बनाना थोड़ा रिस्की हो सकता है, क्योंकि सांतवे महीने तक शिशु काफी विकसित हो जाता है, मूवमेंट करने लगता है, हाथ-पैर हिलाने लगता है, लात मारने लगता है, यहां तक की उसका सिर भी नीचे की ओर खिसकने लगता है। ऐसी स्थिति में अक्सर डॉक्टर शारीरिक संबंध बनाने के लिए मना करते हैं। तीसरी तिमाही में बच्चे का आकार बढ़ जाता है और उसका सिर भी नीचे की ओर आ जाता है, ऐसे में शारीरिक संबंध बनाने पर शिशु को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसा करने से कई गर्भवती महिलाएं गर्भपात का शिकार होती हैं। बेहतर है, कि आप चौथे से सांतवे महीने तक पूरी सुरक्षा और सावधानी के साथ शारीरिक संबंध करें।